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T-Mobile ने अपने मार्केटिंग वर्कफ़्लोज़ को कॉम्पटिटिव बढ़त में बदला.
अपने कैंपेन डेवलपमेंट प्रोसेसेज़ को कन्सॉलिडेट करके अमेरिका के “Uncarrier” ने लाखों की बचत की.
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>$2 मिलियन
वर्कफ़्लोज़ को स्ट्रीमलाइन करके सिंगल बिज़नेस यूनिट में बचत की
मकसद
ब्रांड्स के बड़े पोर्टफोलियो में मार्केटिंग वर्कफ़्लोज़ और रिपोर्टिंग को सेंट्रलाइज़ करें
टीम्स को ज़्यादा स्ट्रीमलाइन्ड और कोलैबोरेटिव तरीके से काम करने की ताकत दें
कैंपेन डेटा के इंटीग्रेटेड व्यू के साथ तेज़ी से C-लेवल फ़ैसले लेने को सपोर्ट करें
मार्केटिंग स्ट्रैटेजी को कॉन्टेंट बनाने, डिस्ट्रिब्यूशन और परफ़ॉर्मेंस से कनेक्ट करें
रिज़ल्ट्स
वेब के लिए डिजिटल क्रिएटिव डिलीवरी के अंदर वर्कफ़्लोज़ को समेकित और ऑटोमेट करके $2 मिलियन से ज़्यादा की बचत
एंप्लॉयीज़ की संख्या बढ़ाए बिना ही मार्केटिंग टीम की प्रोडक्टिविटी में 47% की बढ़ोतरी
सिर्फ़ पाँच वर्षों में Workfront यूज़र बेस 60 से बढ़कर 5000 से ज़्यादा हो गया
एक बिज़नेस यूनिट में सीनियर लीडरशिप टीम के लिए हर हफ़्ते मैन्युअल रिपोर्टिंग टास्क्स से 20 घंटे कम किए
बिज़नेस स्ट्रैटेजी फ़ंक्शन्स में डेटा-ड्रिवन फ़ैसले लेने में बढ़ोतरी
अंदर-बाहर तक कस्टमर-केंद्रित कैरियर
कस्टमर्स को सबसे ऊपर रखने के नए तरीके खोजकर T-Mobile ने हमेशा खुद को बाकियों से अलग दिखाया है. बड़े नफ़े-नुकसान की संभावना वाले अमेरिकी मोबाइल बाज़ार में जहाँ सही कदम रातों-रात कैरियर्स के बीच ताकत का बैलेंस बदल सकता है और गलत कदम लाखों कस्टमर्स को नाराज़ कर सकता है, उसमें कंपनी कस्टमर कामयाबी के नाम पर इनोवेशन करने से कभी नहीं कतराई है.
दरअसल, अपनी सर्विस से सालाना कॉन्ट्रैक्ट्स को खत्म करना T-Mobile का बड़ा दाँव था जिससे कैरियर मॉडल में ज़मीन-आसमान का बदलाव आया. प्लान्स में ज़्यादा फ़्लेक्सिबिलिटी ऑफ़र करने से नए कस्टमर्स की सुनामी आ गई और आज 109 मिलियन कस्टमर्स के साथ T-Mobile अमेरिका में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल कैरियर है.
चीफ़ क्रिएटिव ऑफ़िसर पीटर डेलूका कहते हैं, "हमने 'the Uncarrier' के रूप में अपने ब्रांड की नई इमेज बनाई." "इसका मतलब है कि हम अपने कस्टमर्स और उन्हें परेशान करने वाली दिक्कतों पर समान रूप से फ़ोकस कर रहे हैं."
हाल ही में, इसने विदेश का सफ़र करने वाले T-Mobile कस्टमर्स के लिए ज़्यादा तेज़ डेटा रोमिंग और मुफ़्त इन-फ़्लाइट WIFI समेत कई यूनीक पर्क्स अनाउंस किए.
मार्केटिंग बिज़नेस ऑपरेशन्स की सीनियर मैनेजर इलोना येरेमोवा बताती हैं, "अनकैरियर" होना सिर्फ़ ब्रांडिंग कसरत से कहीं ज़्यादा है. यह कस्टमर एक्सीलेंस के प्रति कमिटमेंट है जिसकी शुरुआत T-Mobile की मार्केटिंग और बिज़नेस स्ट्रैटेजी टीम्स के ऑपरेट करने के तरीके से होती है.
इस मकसद से, येरेमोवा और उनकी टीम ने कंपनी के मार्केटिंग वर्कफ़्लोज़ को सिंगल इंटीग्रेटेड प्लेटफ़ॉर्म पर सेंट्रलाइज़ करने और ज़्यादा एजाइल, फ़्लेक्सिबल और कोलैबोरेटिव तरीके से काम करने के लिए 2018 में Adobe Workfront को इंप्लीमेंट किया. पाँच साल पहले सिर्फ़ 60 एंप्लॉयीज़ द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सूडो टिकटिंग इनटेक सिस्टम से हुई यह शुरुआत तब से 5,000 से ज़्यादा एंप्लॉयीज़ द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली ट्रांसफ़ॉर्मेशनल बिज़नेस टेक्नोलॉजी बन चुकी है.
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"हम कस्टमर एक्सपीरिएंस में बेहद दिलचस्पी रखते हैं और इसका मतलब है कि हम जो कुछ भी करते हैं, हमें उसमें बेहद चुस्त-दुरुस्त होना चाहिए. हमारी टीम्स भी उतनी ही एजाइल होनी चाहिए. आप जितनी जल्दी जानकारी उन तक पहुँचा सकें, यह उनके पास होनी चाहिए."
पीटर डेलूका
चीफ़ क्रिएटिव ऑफ़िसर, T-Mobile
पेचीदा इकोसिस्टम को सरल बनाया गया
T-Mobile हाल के वर्षों में ऑर्गेनिक और 2020 में Sprint के साथ इसके मर्जर के ज़रिए, दोनों तरह से तेज़ी से बढ़ा है. कंपनी के अब 109 मिलियन से ज़्यादा सब्सक्राइबर्स हैं जो 2018 में 74 मिलियन थे जिससे यह अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी कैरियर बन गई है.
लेकिन ग्रोथ के साथ पेचीदगी भी आती है. T-Mobile के ब्रांड्स के पोर्टफोलियो में T-Mobile for Business, Metro by T-Mobile, Home Internet और Assurance Wireless आदि शामिल हैं. इन ब्रांड्स के पीछे की हर मार्केटिंग टीम अपनी स्टोरी सुनाने और कस्टमर्स को इंगेज करने के लिए समय पर कैंपेन बनाने और रोल-आउट करने लायक होनी चाहिए, यह सब इंटर्नल वर्कफ़्लोज़ और अप्रूवल्स का पालन करते हुए किया जाना चाहिए. डेलूका कहते हैं, "यह बेहद पेचीदा इकोसिस्टम है." "हम कस्टमर एक्सपीरिएंस में बेहद दिलचस्पी रखते हैं और इसका मतलब है कि हम जो कुछ भी करते हैं, हमें उसमें बेहद चुस्त-दुरुस्त होना चाहिए. हमारी टीम्स भी उतनी ही एजाइल होनी चाहिए. आप जितनी जल्दी जानकारी उन तक पहुँचा सकें, यह उनके पास होनी चाहिए."
कस्टमर एक्सपीरिएंस पर अपने लगातार फ़ोकस के मुताबिक, T-Mobile कॉन्टेंट बनाने से लेकर कैंपेन डिस्ट्रिब्यूशन, रिपोर्टिंग और ROI तक अपने पूरे मार्केटिंग वर्कफ़्लो को लगातार ऑप्टिमाइज़ करने के लिए कमिटेड है. उस विज़न में जान फूँकने के लिए इसने Workfront को चुना जिसने तब से मार्केटिंग टीम्स के बीच साइलोज़ को खत्म करने, समय खपाने वाले टास्क्स को ऑटोमेट करने और ब्रांड्स में मार्केटिंग ऑपरेशन्स को ऑप्टिमाइज़ करने की अपनी अप्रोच को सरल बनाने में बिज़नेस की मदद की है.
येरेमोवा कहती हैं, “हमें अपने काम करने के तरीके पर फिर से विचार करने की ज़रूरत थी ताकि हम अगले लेवल तक पहुँच सकें.” “T-Mobile के कई ब्रांड्स में हमारे द्वारा चलाए जा रहे मार्केटिंग प्रोजेक्ट्स की बड़ी संख्या और तेज़ी से सिर्फ़ Workfront ही तालमेल बिठा सकता है और हमारे आगे बढ़ने के दौरान पूरे प्रोसेस को पहले से कहीं ज़्यादा इंटीग्रेटेड महसूस कराने वाला बना सकता है.”
वे आगे कहती हैं, “हमने ट्रूथ का सिंगल सोर्स बनाया है और प्लानिंग को अपने बिज़नेस के लिए कॉम्पटिटिव बढ़त में बदल दिया है”. "मार्केटिंग वर्कफ़्लोज़ के सेंट्रलाइज़्ड व्यू से हम संभवतः कैंपेन में देरी का कारण बन सकने वाले कॉन्टेंट ट्रांसलेशन और अप्रूवल्स जैसे अड़चन डालने वाले प्रोसेसेज़ की पहचान कर पाते हैं और उन झंझटों को एक्टिव रूप से हल कर पाते हैं ताकि हम बिना रुकावट वाले कस्टमर एक्सपीरिएंसेज़ डिलीवर कर सकें.”
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"स्मार्ट, डायनेमिक, कनेक्टेड और कंसिस्टेंट लॉजिक में मौजूद Workfront के साथ हम काम को प्राइऑरिटी देने की डिजिटल अप्रोच में सबसे आगे हैं. ये क्वालिटीज़ बढ़ रहे ऑर्गनाइज़ेशन के रूप में हमारी कामयाबी के लिए बहुत अहम हैं."
इलोना येरेमोवा
सीनियर मैनेजर, MarComm बिज़नेस ऑपरेशन्स, T-Mobile
कम समय में ज़्यादा प्रोडक्टिविटी
इंटीग्रेटेड कैंपेन्स को प्लान, ट्रैक, मैनेज और डिलीवर करने के तरीके में लगातार सुधार करना T-Mobile की मार्केटिंग टीम का गोल है. Workfront ने यही करने के लिए बिज़नेस को पोज़ीशन किया है जिससे कैंपेन डिलीवरी प्रोसेस में सुधार आया है ताकि ऐसे बेहद कॉम्पटिटिव बाज़ार जिसमें कस्टमर की ज़रूरतें बिजली की तेज़ी से बदलती हैं, में T-Mobile बाकियों से अलग दिखे.
डेलूका का कहना है “Workfront ने हमें बेहतर प्रोजेक्ट फ़्लो ड्राइव करने और पहले अलग-थलग पड़े लोगों और टूल्स को एक सेंट्रल जगह पर लाने की काबिलियत दी.” यह बेहद असरदार है। और अब हम उस फ़्लो को इस तरह मैनेज कर सकते हैं जिससे हम कस्टमर को टार्गेट कर सकें और सीधे उससे बात कर सकें.”
येरेमोवा के लिए, पहले से स्मार्ट कैंपेन डेवलपमेंट सिर्फ़ काम करने के तरीके से ही संबंधित नहीं है, यह इससे संबंधित है कि क्या काम किया जा रहा है. उदाहरण के लिए, हमने Workfront के स्कोरकार्ड फ़ीचर के इस्तेमाल की केपेबिलिटी डेवलप की है जिससे टीम को मार्केटर्स द्वारा शुरुआती मार्केटिंग मकसदों को प्राइऑरिटी देने के तरीके को ऑटोमेट करने में मदद मिलेगी, इसका मतलब है कि सही लोग सही काम करने में सही समय बिताएंगे.
"स्मार्ट, डायनेमिक, कनेक्टेड और कंसिस्टेंट लॉजिक में मौजूद Workfront के साथ हम काम को प्राइऑरिटी देने की डिजिटल अप्रोच में सबसे आगे हैं. वे कहती हैं, "ये क्वालिटीज़ बढ़ रहे ऑर्गनाइज़ेशन के रूप में हमारी कामयाबी के लिए बहुत अहम हैं."
2020 में Sprint के साथ T-Mobile के मर्जर के बाद यह स्ट्रीमलाइन्ड, स्ट्रक्चर्ड अप्रोच वर्कफ़्लो मैनेजमेंट के लिए बहुमूल्य साबित हुई. मार्केटिंग टीम नए एंप्लायीज़ रखे बिना ही नई कैंपेन माँगों और बड़े कस्टमर बेस में तालमेल बिठाने के लिए अपने आउटपुट को 47% बढ़ा पाई.
इसके अलावा, वर्कफ़्लोज़ को कन्सॉलिडेट करने से T-Mobile की लीडरशिप टीम को भी समय बचने और किफ़ायत के लाभ मिलते हैं. उदाहरण के लिए, कंपनी की टॉप लीडरशिप के साथ हर हफ़्ते के मार्केटिंग अपडेट्स में 150 स्टेकहोल्डर्स को एक ही SharePoint डॉक्युमेंट में फ़ीड करना शामिल है, यह ऐसा थकाऊ प्रोसेस है जो डॉक्युमेंट के खराब होने या किसी सेल के गलती से ओवरराइट होने पर नाकाम हो जाता है.
प्रोटोटाइप वर्कफ़्लो और उसके बाद की रिपोर्टिंग पूरी तरह से Workfront पर बनाई गई थी जिससे हर स्टेकहोल्डर सेंट्रलाइज़्ड जगह पर अपडेट्स शेयर कर पाता है और रियल टाइम में लेटेस्ट कैंपेन जानकारी हासिल कर पाता है. इंटर्नल रिव्यू प्रोसेसेज़ में बेहतर विज़िबिलिटी, ट्रैकिंग और पहले से कम अड़चनें टाइम-सेंसिटिव, कॉम्पटिटिव इनिशिएटिव्स पर स्ट्रीमलाइन्ड फ़ीडबैक लूप में हल होती हैं.
डिजिटाइज़्ड प्रोसेसेज़ से T-Mobile के सीनियर मैनेजर्स का हर हफ़्ते कम से कम 20 घंटे का एडमिनिस्ट्रेशन समय बचा है, वे यह समय ज़्यादा स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स और अपनी टीम्स को मैनेज करने में लगा सकते हैं. किफ़ायत के मामले में, बिज़नेस ने Workfront पर अपने अलग-थलग वर्कफ़्लो मैनेजमेंट टूल्स को कन्सॉलिडेट करके अपने पूरे मार्केटिंग ऑर्गनाइज़ेशन में $2 मिलियन से ज़्यादा की बचत की है.
“रिपोर्टिंग से डेटा लेने में सीनियर लीडर्स का घंटों का समय नहीं लगना चाहिए. उनका समय कीमती है और उन्हें स्टेकहोल्डर्स के लिए एक ही डेटा के बहुत से पिवट बनाने की बजाय बिज़नेस पर फ़ोकस करना चाहिए,” येरेमोवा कहती हैं. “इस संबंध में Workfront जीवन रक्षक रहा है और हर दिन पहले से ज़्यादा मैनेजर्स हमसे अनुरोध कर रहे हैं कि उनकी प्लानिंग और रिपोर्टिंग को इस प्लेटफ़ॉर्म पर डिजिटाइज़ किया जाए.”
“रिपोर्टिंग से डेटा लेने में सीनियर लीडर्स का घंटों का समय नहीं लगना चाहिए… इस संबंध में Workfront जीवन रक्षक रहा है और हर दिन पहले से ज़्यादा मैनेजर्स हमसे अनुरोध कर रहे हैं कि उनकी प्लानिंग और रिपोर्टिंग को इस प्लेटफ़ॉर्म पर डिजिटाइज़ किया जाए.”
इलोना येरेमोवा
सीनियर मैनेजर, MarComm बिज़नेस ऑपरेशन्स, T-Mobile
लोगों को सबसे ज़्यादा अहमियत देने वाला डिजिटाइज़ेशन
वर्कफ़्लोज़ को इंटीग्रेटेड प्लेटफ़ॉर्म पर सेंट्रलाइज़ करने के अलावा, T-Mobile अपने मार्केटर्स के काम करने के तरीके को बेहतर बनाने पर भी बारीकी से फ़ोकस कर रहा है. जैसे कि येरेमोवा अपनी टीम को बुलाती है, "Workfront ninjas" पूरे ऑर्गनाइज़ेशन में मार्केटिंग टीम्स के लिए इनेबलर्स हैं जिससे उन्हें कम झंझटों के साथ कैंपेन्स पर कोलैबोरेट, प्लान करने तथा इन्हें डिलीवर करने और कस्टमर एक्सपीरिएंस पर ज़्यादा फ़ोकस करने की ताकत मिलती है.
“Workfront से हमारे प्रोसेसेज़ डिजिटल बन गए हैं लेकिन इससे हमारा मार्केटिंग ऑर्गनाइज़ेशन पहले से कहीं ज़्यादा ह्यूमन बन गया है," येरेमोवा कहती हैं. "कॉन्टेंट बनाने से लेकर कैंपेन डिलीवरी और रिपोर्टिंग तक, हमारे लोग साइलोज़ में कम समय बिताते हैं और जितना हो सके बेहतरीन काम डिलीवर करने के लिए कोलैबोरेट करने में ज़्यादा समय बिताते हैं.”
Workfront के साथ लाइव होने के बाद से T-Mobile जिस कल्चरल शिफ्ट से गुज़रा है, वह ज़बरदस्त रहा है. जैसा कि कई बड़े बिज़नेसेज़ में होता है, जब प्लेटफ़ॉर्म को पहली बार पेश किया गया था, तब शुरुआत में प्रोसेसेज़ को डिजिटाइज़ करने में झिझक थी. लेकिन येरेमोवा की इनोवेटिव अप्रोच और उनकी टीम की अटलता ने तब से इस सिंगल प्रोजेक्ट को कंपनी-वाइड ट्रांसफ़ॉर्मेशन में बदल दिया है.
येरेमोवा का कहना है, “पूरे बिज़नेस में टीम्स टेक्नोलॉजी के प्रति हमारी लोगों को सबसे ज़्यादा अहमियत देने की अप्रोच और Workfront जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स द्वारा उनकी ज़िंदगियों को बेहतर बनाने के तरीके की सराहना करने लगी हैं. इस प्लेटफ़ॉर्म द्वारा हैंडल किए जाने वाले काम का वॉल्यूम हर दिन बढ़ता जा रहा है और इससे भी अहम बात यह है कि हमारे मार्केटर्स द्वारा किए जा रहे काम की क्वालिटी पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत है.”
“Workfront की मदद से हमने प्रॉजेक्ट को बेहतर ढंग से पूरा किया और अभी तक अलग-अलग काम कर रहे लोगों और टूल्स को एक साथ एक जगह लाने में कामयाब रहे. यह बेहद असरदार ढंग से काम करता है। और अब हम अपना फ़्लो इस तरह मैनेज कर सकते हैं जिससे हम कस्टमर को टार्गेट कर सकें और सीधे उससे बात कर सकें.”
पीटर डेलूका
चीफ़ क्रिएटिव ऑफ़िसर, T-Mobile
कॉन्टेंट, कैंपेन्स और कस्टमर्स को लिंक करना
T-Mobile के कैंपेन डेवलपमेंट प्लेटफ़ॉर्म के रूप में Workfront की तरफ़ खड़े होने के बाद, येरेमोवा की टीम अब Adobe Experience Manager में प्लानिंग से लेकर कॉन्टेंट बनाने और क्यूरेशन तक पूरे मार्केटिंग वर्कफ़्लो को इस सॉल्यूशन में इंटीग्रेट करने की कोशिश कर रही है.
T-Mobile के कॉन्टेंट बनाने वाले, पहले से ही पिछले कैंपेन्स से कॉन्टेंट को ब्राउज़ करने और इसके दोबारा इस्तेमाल के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग में अपने डिजिटल एसेट मैनेजमेंट (DAM) प्लेटफ़ॉर्म के रूप में Adobe Experience Manager Assets का इस्तेमाल करते हैं. अब Adobe Experience Manager Assets को Workfront के साथ इंटीग्रेट करके येरेमोवा पुल बनाने का काम कर रही हैं ताकि ऐसे सीमलेस वर्कफ़्लोज़ अनलॉक किए जा सकें जिनमें टीम्स आसानी से एसेट्स खोज सकें और मेटाडेटा को मैप कर सकें और डिस्कवर करने में आसानी के लिए ऑटोमैटिक रूप से सिंक कर सकें.
येरेमोवा का कहना है, “सबसे बड़ा विज़न यह है कि Adobe Experience Manager Assets और Workfront को कनेक्ट करने वाला एक ही थ्रेड हासिल किया जाए. क्रिएटिव एसेट्स को Workfront प्रोजेक्ट्स में ऑटोमैटिक रूप से सेव और ऑर्गनाइज़ किया जाएगा जिसमें क्रिएटिव टीम्स जारी कैंपेन्स के लिए बिल्डिंग ब्लॉक्स के रूप में इसके बाद इन्हें डाउनलोड कर सकती हैं, इससे सब का कीमती समय बचेगा."
T-Mobile के मार्केटर्स की लालसा कम नहीं है. अब जब हज़ारों लोग Workfront का इस्तेमाल कर रहे हैं, तब टीम अपने मार्केटिंग प्रोसेसेज़ को इंटीग्रेट करने, सुधारने और इन्हें ज़्यादा एफ़िशिएंट बनाने के लिए नए मौके सामने लाना जारी रखे हुए है.
डेलूका कम शब्दों में बड़ी सफ़ाई से यह बताते हैं कि मार्केटिंग वर्कफ़्लोज़ पर कंट्रोल हासिल करने से T-Mobile कैसे ट्रांसफ़ॉर्म हुआ है और आने वाले सालों में कैसे इससे भी ज़्यादा इनोवेशन को बढ़ावा देने की उम्मीद है . "हम ट्रूथ का ऐसा सिंगल सोर्स बना पाए हैं जिससे पूरा ऑर्गनाइज़ेशन काम कर सकता है," वे कहते हैं. "लोगों को जानकारी सौंपने से उन्हें अपने करियर का बेहतरीन काम करने के लिए प्रेरित करने में मदद मिलती है और यह आगे हमारे द्वारा अब तक डिलीवर किए गए बेहतरीन कस्टमर एक्सपीरिएंसेज़ में बदल जाता है.”
अपनी जानकारी बढ़ाएँ
सीमलेस कस्टमर एक्सपीरिएंस के लिए सिर्फ़ डिलीवरी से कहीं ज़्यादा कोऑर्डिनेशन की ज़रूरत होती है. इस ऑन-डिमांड सेशन में जानें कि बिज़नेस एफ़िशिएंसी के लिए T-Mobile किस तरह से कोलैबोरेशन को बढ़ा रहा है.